12.6.12

.. तुम्हारी चेष्टा को नमन चेष्टा

दुनिया जब दफ्तर जा रही होती है – तो मेरे जैसा आलसी सैर करने निकलता है. उसी झील वाले पार्क में. पिछले सप्ताह में एक लड़की, जो कुत्तों के समूह को कुछ बिस्किट और दूध पिलाने की कोशिश में लगी थी, मैंने सोचा चलो कुत्तों का कुछ अधिक कल्याण हुआ. वैसे भी सुबह कई लोग पार्क में इन आवारा कुत्तों, कवों और कबूतरों को कुछ न कुछ खिलाते हैं.

आपसी लड़ाई में जख्मी हुआ - कुत्ता
 कल देखा तो वो लड़की न केवल दूध पिला रही थी, अपितु एक घायल कुत्ते का उपचार भी कर रही थी, मुझे ताज्जुब हुआ. और पास के बेंच पर बैठ ब्लोगरी निगाह से देखने लगा.
घायल कुत्ता ख़ामोशी से बैठा रहा और लड़की एंटी-बाईटिक पाऊडर उसके सर पर लगे घाव पर छिडकती है. फिर वह अपने बैग में से एक साफ प्लास्टिक बाउल निकाल कर उसमे अमूल दूध के पैकट उड़ेल देती है, घायल कुत्ता सटासट दूध पीने लगता है, और बाकि तीन चार कुत्ते चारों तरफ ऐसे बैठे है जैसे मरीज़ का हाल पूछने आये हों, ताज्जुब होता है – उनमे इतनी ‘इंसानियत’ कहाँ से आ गयी कि घायल कुत्ते से छिना झपटी नहीं कर रहे.



लड़की ने अपना नाम ‘चेष्टा’ बताया.



 सार-सार को गहि रहे थोथा देय उड़ाय :)
दूध तो पी गए महाराज - 
चेष्टा दवाई की दो गोलियां बर्फी में मिला कर लड्डू सा बनाकर उस घायल कुत्ते को खिलने की चेष्टा करती है. बहुत ही न नुकर के बाद कुत्ते ने वो दोनो लड्डू खा ही लिए. लड़की आश्वस्त हो उस बाउल को वहीँ पार्क में धो कर बैग में रख चल देती है.


आज सुबह फिर वही कवायत ... कुत्ता पक्का नालायक किस्म का... दूध पी गया, जख्म पर पावडर भी लगवा लिया पर जब दवाई खाने की बात आई तो बिदक गया, उठ कर चल पड़ा ओर चेष्टा उसके पीछे पीछे..... घूम फिर कर दोनों बैठ गए, पर कुत्ते ने दवाई नहीं खाई..... चेष्टा ने दूसरी तरकीब आजमाई – थोडा पनीर निकाल कर उसके आगे फिर से दवाई वाले लड्डुओं के साथ रख दिया, पर उसने फिर वही करतब दिखाया – पनीर तो खा गया पर दवाई वाले लड्डू छोड़ दिए.... ठीक छोटे बच्चे की तरह... मिठाई तो खा लेते है – पर दवाई नहीं खाते.


बाउल में पनीर डाल कर इन्तेज़ार करती चेष्टा -
शायद अब महाराज अब दवाई खा लें. पर नहीं 
चेष्टा थक कर बैठ गयी, मैंने फिर प्रश्न किया, अब क्या किया जायेगा. वो बोली कोई नई बात नहीं, हमेशा दवाई अलग अलग तरीके से देनी पड़ती है... कल बर्फी में दी थी तो ये खा गया, और आज नहीं खाई. शाम को अब उबले अंडे के साथ खिलाने की कोशिश करुँगी. हाँ ये पचास रुपये की दवाई खराब हो गयी. हालांकि कुत्ता काफी हद तक ठीक हो गया है. मेरे ख्याल से अब इसे दवाई देना छोड़ भी दिया जाये तो भी वो ठीक हो जायेगा.
चेष्टा किसी एन जी ओ के लिए काम नहीं करती. कनाट प्लेस में किसी फर्म में सी ऐ है. पर जानवरों के दुःख को नहीं देख पाती... अत: उनका उपचार करती है. जो ज्यादा गंभीर किस्म से घायल होते हैं उन्हें वो राजौरी गार्डेन स्थित संजय गांधी एनिमल केयर सेंटर में ले जाती है.
जब मैं फोटो खींच रहा तो, चेष्टा में मुझे उसकी फोटो के लिए रोका, पर पता नहीं कैसे वो मोबाइल कैमरे के जद में आ गयी, और उसकी बिना अनुमति के मैंने फोटो यहाँ चस्पा कर दी है. 


इस दुनिया में चेष्टा की तरह बहुत कम लोग है जो चुपचाप अपने काम में लगे है.

.. तुम्हारी चेष्टा को नमन चेष्टा.

जय रामजी की.

30 टिप्‍पणियां:

  1. तभी,कुत्तों ने भी वफ़ादारी के लिए मनुष्य जाति को ही चुना!

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    1. हाँ कुमार साहेब, सही कह रहे है आप.... पर दूसरा पॉइंट बहुत गन्दा है.

      सुबह मालिक के साथ जंजीर में बंधे जब यही कुत्ते पार्क में सैर करने वाली पटरियों पर हगते हैं तो दिल करता है इनके मालिक सहित इनको जंजीर से पार्क के एक कौने में बांध दिया जाए.

      कुत्तों का कोई दोष नहीं... सारा दोष इनको पालने वालों पर है. जो घर से गंदगी फैलाने पार्क में ले अआते हैं. इनसे तो समझदार आवारा कुत्ते होते है - जो कम से कम कहीं गंदगी में तो हगते है. बीच पटरी पर तो नहीं.

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  2. कुत्तों को जख्म ज्यादातर आपसी लडाई में पडते हैं और कान आदि के नीचे खुजाते रहने से कीडे पड जाते हैं।
    मैं तो एक इंजक्शन में फिनेल भरकर पिचकारी मार देता हूं।
    एक बार में ही कुत्ता ठीक :)

    फोटो कहां गई जी

    प्रणाम

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    1. प्रणाम जी,
      बहुत दिन बाद राम रामा हुई
      आपने एक नया देसी नुकसा बताया है... आजमा लेंगे किसी दिन हम भी.
      फोटू दिख नहीं रहे क्या ... लगा तो दिए हैं.

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    2. Antar jee Thank you very much ki aap jaanwaron ka ilaj karne ki koshish karte hain....maine aapka reply padne ke baad kai doctors se baat ki par sabne yahi kaha ki phenyle kutte ko bahut nuksan pahuncha sakti hai agar ek dum nahin to dheere dheere...kyunki aap jaanwaron ki help karne ka jazba rakhte hain toh pleas facebook par bahut se animal related groups hain jahan hazaron log hain aur wo hamesha jaanwaron ki help karne ko taiyar hote hain aap unse bhee kabhi bhee puch sakte hain...kuch groups hain...Indian animal forum,animal lovers,kalyani animal welfare foundation

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  3. मानव के हृदय में स्वभाविक स्थापित करूणा अपनी सौरभ प्रसारित करती ही है।
    चेष्टा की दयामय चेष्टा को प्रणाम!!
    करूणा व स्म्वेदनाएं सभी में होती है पर हम स्वयं उसे निकृष्ट भाव से कुंद कर देते है, करूणा को प्रस्फुटित होनें, संवरने व सहेजने को उत्सुक ही नहीं होते!!

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    1. सुज्ञ जी, आप का कथन बिलकुल सही है. इस मशीनी युग के साथ साथ ही आने वाले समय में दया ओर करुना जैसे शब्द मात्र किताबों में रह जायेंगे.

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  4. पता नहीं क्यों ऐसा लगता है कि कुत्ते आदमी बनने के लिए कदम आगे बढा चुके हैं और आदमी कुत्ता लगभग बन चुका है। वैसे भी आदमी से ज्यादा वफादार कुत्ते ही हैं, इसलिए इनकी सेवा भी जरूर होनी चाहिए।

    खैर ये तो मैं विषय से हटकर बात कर रहा था,
    बहुत सुंदर प्रस्तुति, काश लोग कुछ इससे सीखें

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    1. @पता नहीं क्यों ऐसा लगता है कि कुत्ते आदमी बनने के लिए कदम आगे बढा चुके हैं और आदमी कुत्ता लगभग बन चुका है।

      हाँ कल जब इस घायल कुत्ते के इर्द गिर्द बाकि कुत्ते आराम से बैठे देख रहे तो यही लगा.

      आभार.

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  5. बहुत बढिया प्रस्तुति। कुछ विरले ही होते हैं जो बिना स्वार्थ के ऐसे कार्य करते रहते हैं...

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  6. मेरा भी नमन, इतनी करुणा विरली होती है।

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  7. आचार्य (गिरिजेश राव) का गूगल + पर नोट :

    पोस्ट पढ़ते एक बार भूल ही गया कि ब्लॉग टिप्पणी न करने का व्रत लिया हुआ है। आप को सैल्यूट! और चेष्टा तो नाम सार्थक कर रही हैं अपना! करुणामूर्ति चेष्टा को नमन! 

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  8. सच ऐसे लोग नमन के सच्चे अधिकारी हैं...

    नीरज

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  9. wakai... Cheshta ji ki cheshta ko naman...
    parantu photo dikh nahi rahi... :(

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  10. नमन है चेष्टा जैसे सच्चे और निस्वार्थ पशुप्रेमियों को। ऐसे निष्ठावान लोगों के बल पर ही धरती टिकी हुई है।

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  11. वो लोग ही कुछ और होते हैं ! हम बस वाह वाह ही कर पाते हैं !

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  12. मनुष्य के बजाय जानवर ज़्यादा वफादार होते हैं आजकल इसलिए भी हमें उनको अधिक तरजीह देनी चाहिए !
    ...संवेदनशीलता को यदि मनुष्य ने छोड़ दिया तो फिर वह रह क्या गया ?

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  13. जानवर हमेशा से हम मनुष्यों से कही अधिक वफादार हुए हैं.यदि मनुष्य में सहिष्णुता न बची तो फिर वह बचा ही क्या ?

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  14. ऐसे भले लोग विरले ही होते हैं| प्रेरक चेष्टा के बारे में जानकार अच्छा लगा, फोटो तो यार मेरे को भी नहीं दिख रही, सिर्फ फ्रेम दिख रहा है|

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  15. चेष्टा से मिल तो नहीं पाएंगे पर देखने का मन मेरा भी है...दिखाई नहीं दे रही.....सुबह की शुरूआत ऐसी प्रेरणा वाली पोस्ट से हो तो दिन भी शुभ हो जाता है ....नमन चेष्टा को मेरा भी...

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  16. घायल कुत्ता सटासट दूध पीने लगता है, और बाकि तीन चार कुत्ते चारों तरफ ऐसे बैठे है जैसे मरीज़ का हाल पूछने आये हों, ताज्जुब होता है – उनमे इतनी ‘इंसानियत’ कहाँ से आ गयी कि घायल कुत्ते से छिना झपटी नहीं कर रहे.

    कुत्ते आदमी बनने के लिए कदम आगे बढा चुके हैं और आदमी कुत्ता लगभग बन चुका है।
    तुम्हारी चेष्टा को नमन चेष्टा.
    jai baba banaras....

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  17. सही में फोटो मात्र मेरे सिस्टम में ही दिख रही थी.

    अभी दुबारा उपलोड करीं हैं. आप सभी का आभार.

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  18. शुक्रिया ..दिखी चेष्टा अब....

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  19. मैने बनारस में भी एक ऐसे ही दयालू व्यक्ति को देखा है। वे छुट्टे घायल पशुओं का मुफ्त इलाज करते हैं। सुबह-सबेरे स्कूटर लेकर निकल जाते हैं और जहाँ कहीं कोई घायल पशु दिखा गाड़ी रोक देते हैं। संजोग है कि जब वे दिखते हैं मेरे हाथ में कैमरा नहीं होता। कभी उनको पकड़ कर और जानकारी प्राप्त करूँगा।

    चेष्टा का प्रयास हमें संवेदनशील होना सिखाता है।

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  20. Aap sab ko bahut bahut thanks....Deepak ji ne bahut zada likh diya...app sab ko bahut bahut thanks...aise bahut saare log hain jo jaanwaron ke liye apni zindagi mein bahut kuch kar rahe hain...ye toh knuch bhee nahin hain...aap sab se meri k request aap jitna kar paayin jaanwaron ke liye zarur karen wo bechare khud apni help nahin kar sakte aur hum insanon par nirbhar karte hain...aur badl mein jo pyaar unse milta hai wo shayad duniya ka sabse selfless pyaar hota hai...aap log agar facebook par hain toh ye group Indian Animal forum and kalyani animal welfare foundation zarur dekhen aur aapko pata chalga kitne log in jaanwaron ki life ko better banane mein lage hue hain...ek baar phir thank u very much

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  21. जानवरों के प्रति दया वाकई काबिले-तारीफ है, चेष्टा को शुभकामनाएँ.

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बक बक को समय देने के लिए आभार.
मार्गदर्शन और उत्साह बनाने के लिए टिप्पणी बॉक्स हाज़िर है.