20 जन॰ 2009

मदरसों के बड़ते कदम ...


आदरनिये पॉप (रोम वाले) व् इटली से निर्यातित भारतीय महारानी (श्रीमती सोनिया गाँधी - भारतीय नाम ) के प्रताप से मनमोहन सरकार अपने पाँच साल पुरे करने जा रहे है । इन ५ सालों में सरकार ने मुसलमानों की शैक्षिक, सामाजिक, व् आर्थिक हालत सुधरने के लीये जो कदम उठाये थे उनके परिणाम आने लगे है । में बात करता हूँ शेक्षिक हालातों के बारे में ।

मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और भारतीय स्कूल शिक्षा बोर्ड परिषद के समकक्ष मानने की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा केंद्रीय मदरसा बोर्ड गठित करने का मामला भी विचाराधीन है।

लाल बादशाहों के राज यानिकि पश्चिम बंगाल में इन प्रयोग का प्रत्यक्ष देखने को मिल रहा है। वहां पर हिंदू विद्यार्थी बहुत संख्या में मदरसों में जाने लगे है. राज्य के उत्तेरी दीनापुर जिला, कूचबिहार, बर्दवान और पश्चमी मिदनापुर जिलों में तो ६० प्रतिशत तक स्टुडेंट हिंदू हैं. इसका मुख्या कारन इन इलाकों में मुस्लिम आबादी का कम होना है. यानी, आबादी कम और मदरसे ज्यादा। बहार से मिलती जबरदस्त आर्थिक मदद. तो पैसा तो कहीं लगेगा ही. और छोटेपण में बच्चो के अगर दिमाग को ही बदल दिया जाए तो .... अब मुस्लिम रणनीतिकारों को अपनी निति बदलनी पड़ रही है. तलवार के दम पर धर्म परिवर्तन तो हो नहीं रहा तो ईसाईयों की देखा देखि ये भी कर के देख लेते हैं.

गरीब हिंदू अभिवावक कम फीस की वजह से अपने बच्चों को यहाँ भेज देते है जो की राज्य द्वारा चलाये जा स्कूलों से भी कम है। औराए मदरसे अब कंप्युटर साइंस टेक्नोलोजी और वोकेशनल सुब्जेक्ट की बात करते करते ... अरेबिक और इस्लामिक पदाई करवाने लगते है।

सरकार को कम से कम इस विषय पर सोचना चाहिए की कम आबादी के होते हुवे ज्यादा मदरसे क्यों खोले जा रहे है खासकर उन शेत्रों में जहाँ इनकी आवश्कता नहीं है. दुसरे राज्य द्वारा चलाये जा रहे स्कूलों से कम इनकी फीस क्यों है.

2 टिप्‍पणियां:

  1. baba ...ji achchhi post likhne ke liye badhai . thodi galtiyan jyada lag rahi hai ...maaf kijiyega ..... banki sab mast likha hai wakai ye chinta ka wishay hi nahi wirodh ki baat hai.... kabhi hamare blog www.sachbolnamanahai.blogspot.com par aaye

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बक बक को समय देने के लिए आभार.
मार्गदर्शन और उत्साह बनाने के लिए टिप्पणी बॉक्स हाज़िर है.