5.6.11

बाबा, संभाल अपनी लंगोटी और लौटा ...

बाबा बहुत बोले है तू....... बहुत बोले है...... तने बैरा नहीं ठाकुर(आइन) को किसी भगवाधारी की ऊँची आवाज पसंद नहीं है ......... और तू है की बक बक (इसके अलावा और क्या है) किये जा रहा है....

ले गए न उठा कर .... संभाल अपनी लंगोटी और लौटा ...  

अन्ना हजारे खामोश थे, मोमबती जलाने वाले (शहरी तबका) साथ थे, .... सरकार को कोई प्रोब नहीं थी, अलबत्ता मोमबती बनाने वाले उद्योगपतियों को बुला कर बैठक जरूर कर ली थी, :) भैया माल बहुत बिकवा देंगे, बस हमारी कमीशन का ध्यान रखना, पिज्जा खाने वालों से कोई खतरा नहीं, आयें है पिकनिक मना कर चले जायेंगे;  और तू गाँव दिहातियों को इक्कट्ठा कर लाया है... जिनका खून १००% है .... जरा सी भावना में बहे  नहीं और खून खौल गया ; अपना पैसा खर्च कर के आये थे, न सोने का ठिकाना न खाने का - पिकनिक मनाने  नहीं .... 

अरे बाबा गाँव की तो ये (सरकार) दुश्मन पहले ही बनी बैठी है.... छि छि छि -- कितने गंदे होते है गाँव वाले - दोपहर को नहाते हैं - सुबह खुले में निर्वुत होने जाते है - कई बार तो पानी का लौटा भी साथ नहीं ले जाते; भोले के बाराती लगते हैं; ... और तू उनको साथ ले चल रहा है ... भाई इन लोगों की जमीन पर ही तो सरकार की नज़र है .. जैसे सांप अच्छा नहीं लगता ... पर उसकी मणि अच्छी लगती है है.... हाथीदांत के लिए हाथियों का वध और कस्तूरी के लिए मृग का वध किया जाता है ........ तो फिर ये दिहाती किसान अपवाद थोड़े ही हैं........  

अच्छा हुआ - कोई कमेटी नहीं बनी.... ठीक ही हुआ ....और ये भांड बक्से (टीवी ख़बरें) फिर से चिल्लाते रहते ... तेरा तो कुछ नहीं होना था .... पर बाबा उनकी सोच जो तेरे साथ हैं, कोई न कोई  CD  काण्ड में और उलझ जाता .... शशि भूषण की तरह...

जा बाबा जा ..... भगवा कपडे उतार कर - सफ़ेद कपडे पहन - शान्ति वाले (?) धीरेन्द्र ब्रहमचारी को अपना IDOL बना और सरकार में मौज कर .... जीवन क्षण भंगुर है.... काला धन - भ्रष्टाचार बस भावनायों का आचार है - इन पर काबू रख .... पेट चिपका कर घूम रहा है खा पी ऐश कर ....... मंत्री लोगों को सुबह बंद ठन्डे कमरों में योग सिखा ......... अपनी दवा की फेक्टरी बंद कर ... लोगो को उनके बी पी, कोलेस्ट्रोल के हाल पर छोड़ दे;  और 'राजगुरु योगाचार्य' की पदवी प्राप्त कर ऐश कर इस लोक को ही नहीं अपितु परलोक भी सुधार ..... 

'सकल पर्दार्थ इ जब माहि - कर्म हीन पावत नाहीं' - सरकारी कर्मयोगी (चमचा) बन और सभी उत्तम प्रकार के पदार्थों का भोग लगा ;) 

बाबा बातें कडवी तो जरूर लगेगीं - पर तेरे भले के लिए हैं ... जगत का कल्याण छोड़ - अपने कल्याण की सोच...

जय राम जी की
************
स्पष्टीकरण १ : ये पोस्ट सुबह दैनिक जागरण की हेड लाईन देखने (पढ़ने तक की फुर्सत नहीं थी) के  तुरंत बाद लिखी गयी थी.... और जाहिर है की निम्न लिंक दोपहर १२ बजे के हैं और हाँ ये स्पष्टीकरण रात ९.०० लगा रहा हूँ.
************

ठग हैं रामदेव, उनकी गतिविधियों की जाच हो - दिग्विजय सिंह

Jun 05, 10:07 am

नई दिल्ली। रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई को जायज ठहराते हुए काग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने
बाबा रामदेव को 'ठग' बताया और कहा कि उनके साथ वही हुआ जो एक ठग के साथ होना चाहिए।
हिन्दुस्तान की जनता चाहती है की आपके डी एन ए
के जांच हो........ 

रामदेव की वादाखिलाफी के चलते हुई कार्रवाई : कपिल सिब्बल

Jun 05, 11:20 am

नई दिल्ली। सरकार ने बाबा रामदेव के अनशन को खत्म करने की पुलिस कार्रवाई को जायज ठहराते हुए
रविवार को कहा कि योगगुरु ने रामलीला मैदान में आयोजन करने की अनुमति लिए जाने के दौरान किया
वादा तोड़ा और यहा तक कि वह अपने आश्वासनों से भी पलट गए।
जनता चाहती है की सरकार की वादाखिलाफी पर
कौन सी कार्यवाई होगी ???

Jun 05, 11:20 am

नई दिल्ली। रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई और बाबा रामदेव की
गिरफ्तारी
के बाद उनके समर्थकों की ओर से विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू
करने के किसी भी प्रयास को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने रविवार
को प्रदेश के नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लगा दी जहा इस तरह के किसी
प्रदर्शन की आशका थी।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने नई दिल्ली 
जिले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लगा दिया है।
याद कीजिए - अंतिम बार ये शब्द कब सुने थे - निषेधाज्ञा 
सरकार की मंशा समझ आएगी - पर धीरे धीरे

स्पष्टीकरण 2: रात्री १०.३० बजे से टीवी देख रहा हूँ ; और रोना आ रहा है अपनी
नपुंसकता पर........  उफ़.... रामजी  क्या सदा सत्ता ऐसे ही हाथों में रहेगी
जो इसका दुरपयोग करना जानते हों.......... आज सुबह ही
रामचरितमानस पढ़ रहा था :
धरनि धरहि मन धीर कह बिरंचि हरिपद सुमिरु।
जानत जन की पीर प्रभु भंजिहि दारुन बिपति।।


सोमवार, रात्री १० बजे : 
सुनील कुमार शर्मा मुझे गर्व है तुम्हारे पर........... 
राजस्थान का १००% खून  है ....