11.10.11

क्या आपने लालटेन की मनमोहक रौशनी में खाना खाया है...

आपने कभी किसी दूर दराज पिछड़े गाँव में खाना खाया है...
दूर कहीं, भारत के पिछड़े गाँवों में, लालटेन की फीकी लेकिन मनमोहक रौशनी में, चूल्हे के मदम मदम आंच पर बनती जीरे की छौंक लगी अरहड की दाल, और दूसरे चूल्हे पर सिकती मोटी मोटी गेंहूँ की रोटी... प्याज और हरी मिर्च का आचार, दाल पर डालने के लिए देसी घी आप संग लाये हैं,... चारपाई पर आपको ये देशज खाना परोसती किसी गरीब घर की बाला...
जी सपने मत देखिये, आज हिन्दुस्तान में ये सब युवराज कर सकता है या फिर उनके चमचे और या फिर वे गरीब ग्रामीण जिनकी जीवनचर्या ही यही है. आप घर में बैठ टीवी पर खबरें देखकर ही इस स्वाद और माहौल का आनंद ले सकते हैं.
मैं शर्त के साथ कह सकता हूँ कि आपने ऐसा खाना नहीं खाया होगा, गर खाया होता तो आप भी युवराज की तरह कुछ हफ़्तों बाद, देर सवेर पिछड़े गाँवों में पहुँच जाते और खाने की मांग करते. खाना तो खा लिया साहेब, और अखबारों व अन्य मीडिया में आ भी गया; राहुल ने दलित के घर खाया खाना
अब तक कोई समस्या नहीं थी, क्योंकि युवराज का मूड था, पुराने राजा महाराजों की तरह... पर समस्या पैदा कर दी गयी इस देश की दलिद्र विपक्षी पार्टियों द्वारा .... उन्होंने एक टीम बनायी कि उस दलित की माली हालत का जायजा लिया जाय...
पता चला कि उ कुंजीलाल जी गरीब हैं ही नहीं, क्या है कि उनकी कमाई 26 रूपये रोजाना से अधिक है... इस देश में फैशन, मियादी बुखार और ख़बरों को फैलने के लिए ज्यादा इन्तेज़ार नहीं करना पड़ता .... खबर फ़ैल गयी कि युवराज ने एक अमीर के घर खाना खाया... और मीडिया जनता को बेवक़ूफ़ बना रहे है.
फोटू : दि हिंदू के साभार.
जैसा की होना ही था, मैडम ने तुरंत बैठक बुलाई, पता किया जाय कि इ 26 रूपए कि थिओरी किस ने बनायी, तुरंत फुरंत नीली पगड़ी टीम तो सम्मन जारी हुए... आपको बता दें की इस देश में योजना आयोग नाम की एक संस्था है, जिस में नीली पगड़ी पहन कर बैठा जाता है... दुनो सरदार सर झुकाए खड़े हैं... फैसले में अभी देरी है ... बाकी भारत का भाग्य ... मात्र विधाता है.. जब विधाता तो तरस आ जायेगा, तो कोई गरीब अपनी थाली किसी युवराज के आगे नहीं सरकाएगा. 

22 टिप्‍पणियां:

  1. बढ़िया प्रस्तुति |
    हमारी बधाई स्वीकारें ||

    http://dcgpthravikar.blogspot.com/2011/10/blog-post_10.html

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  2. राष्ट्र की चेतना सुप्त हो गयी है.लोग चिर निद्रा में सो रहे हैं.जगाने के लिए लाखो बाबा रामदेव,अन्ना हजारे की जरुरत है.जागिये और आगे बढ़कर राष्ट्रधर्म निभाइए

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  3. बेचारे२६ रु वाले अमीर आदमी के पास एक थाली खाना था वो भी युवराज आ कर चाट गए वो भी मुफत में और फोटो सोटों खीचा का प्रचार भी पा गए अब तो जैसे ही युवराज किसी गांव में प्रवेश करते है सभी दलित गरीब लोग इस डर से की कही युवराज आज भी एक थाली चट कर जाये और घर के लोगो को भूखा सोना पड़े एक शुर में कहते है की युवराज हम तो बड़े अमीर खाते पीते घर के है काहे की हमारी आमदनी २६ रु से कही ज्यादा है आगे बढिए किसी दलित गरीब का घर देखिये खाने के लिए |

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  4. खबर फ़ैल गयी कि युवराज ने एक अमीर के घर खाना खाया... और मीडिया जनता को बेवक़ूफ़ बना रहे है.

    अब खबर तो फैलनी ही थी...एक अमीर के यहाँ खाना खाकर ऐसा झूठा प्रचार :)

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  5. खाया है अभी तीन दिन पहले लगातार तीन दिन तक मोमबती में ही खाना खाया है इसे कैन्डल खाना मत मानना वहाँ मजबूरी थी और साधन नहीं था।

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  6. ग़रीब सोच रहा होगा कि मेरे साथ बैठे महानुभाव की थाली में मेरे भोजन जैसा दिखने वाला दिल्ली से मंगाया गया जो भोजन है क्या मैं उसे पास से देख सकता हूँ।

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  7. सुदूर गांवों में रात्रि का भोजन भी सूर्य की साक्षी में ही होता है। लालटेन तो कस्‍बों में ही रह जाती है। युवराज शायद अपने साथ लेकर गए होंगे लालटेन।

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  8. लालटेन की फीकी लेकिन मनमोहक रौशनी में, चूल्हे के मदम मदम आंच पर बनती जीरे की छौंक लगी अरहड की दाल, और दूसरे चूल्हे पर सिकती मोटी मोटी गेंहूँ की रोटी... प्याज और हरी मिर्च का आचार, दाल पर डालने के लिए देसी घी आप संग लाये हैं,...

    अपना तो रोज का यही सीन होता है (शाम को बिजली ही नहीं आती, रात में १० बजे के बाद आती है )

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  9. thali aur khana five star ka thaa bas ghar garib ka thaa .......

    bhukkad kahi ka.....ASAL MAIN APNE LIYA KISI DALIT KO DULHAN BANA KAR U.P.ki Rajneeti karna chahata hai....wahi ghar ghar ja kar khoj raha hai...

    jai baba banaras......

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  10. बहुत सुन्दर सार्थक अभिव्यक्ति| धन्यवाद|

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  11. कौशल जी (पूर्विया) .... सही कहा आपने, इसकी शादी किसी दलित से करवा देनी चाहिए, वैसे भी उप्र में साहेब संभावनाएं खोज रहे हैं. :)

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  12. जनता तो बेवकूफ़ बनने के लिये ही है बंधु, बनाने वाला चाहिये।

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  13. ललटेनिया रोशनी मा यहिते खावा जात है कि ३२ कि औक़ात वाला तीस-हजारी लगे !

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  14. यही है युवराज के मत की राज ! सुन्दर रही !

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  15. vote bank ke kavayat hai. ..kuch na kuch to karna hi hai..yahi sahi...
    bahut badiya samyik jaagrukta bhari prastuti hetu aabhar!

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  16. जब पूरा मीडिया अपना है तो जो मर्जी खबर बनाइये ...युवराज हैं देश की भला कोई ऐसे वैसे थोड़े ही हैं ..

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  17. दीपक बाबा,लगता है युवराज की थाली पर आप
    कड़ी नजर रक्खें हैं.कुछ न कुछ निकाल ही लेते
    हैं मतलब की बात.

    सुन्दर परस्ती के लिए आभार.

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  18. परस्ती को प्रस्तुति पढियेगा.

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  19. दुनियाँ का पता नहीं, भारत में नीली छतरी वाला नहीं, नीली पगड़ी वाले हैं! :-)

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बक बक को समय देने के लिए आभार.
मार्गदर्शन और उत्साह बनाने के लिए टिप्पणी बॉक्स हाज़िर है.