23.5.13

छडो जी, सानु की... वडे लोकां दियां वडी गल्लां....


मैं कब से बकवास करता आ रहा हूँ, पर अब सरकार को भी पता चला है कि आई पी एल वाकई एक गन्दा खेल है. क्रिकेटर, उनकी पत्नियाँ, उनकी माशुकें, उनके मित्र, उनके लोग, उनके बुकी, उनके सौदे और उनके सट्टे और कहीं तों दामाद भी सभी – सभी इस हमाम में नंगे नज़र आ रहे हैं, और मज़े की बात ये कि उनको इस बात पर लज्जा भी नहीं आ रही, छडो जी, सानु की... वडे लोकां दियां वडी गल्लां....


भाई हों तों ऐसे, जैसे भारत पाकिस्तान, प्यार हो तों गाँधी के इन भाइयों जैसा. आज जो हमारी अखबारों मुख्य खबर है कल सीमा पार के अखबारों में होगी. एक भारतीय कैदी को वहाँ क़त्ल कर दिया गया, यहाँ भी मात्र एक ही मारा... वैसे बातें करेंगे खून की नदियाँ बहा देंगे. पडोसी मुल्क ने नए सदर ने कुर्सी संभाली पहले यहाँ आये फिर वहाँ गए. इसे पहले भी कई मुल्कों के सदर ऐसा ही करते हैं. अब सट्टे बाजारी यहाँ हुई... तार हमेशा की तरफ वहाँ पहुँच गए. और वापिस आवाजें भी आने लग गयी कि हमें हराम का पैसा नहीं चाहिए. टैनी सिंह को बात रहा था. टैनी बोले पहले तों इन लोगों से क्लीअर कर लेना चाहिए कि हक और हराम का क्या होता है. कौन सी इन्होने प्रेस लगा कर भीषण गर्मीं में काम में लगे हुए हैं, या फिर कौन सा बाइंडिंग खाना खोल रखा है जो हक की कमाई कि बात करते हैं. इनका तों खून तक हराम है. सुसरे एक दुसरे को रक्तदान तक नहीं कर सकते. टैनी सिंह की बात में दम लगा. फिर वी छडो जी, सानु की... वडे लोकां दियां वडी गल्लां....

आज हिंदी फिल्मों के महानायक याद आ गए. गाज़ियाबाद में परिवार के पुराने ड्राइवर ने अकेले ही पुरे परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी. चाकू से .... बालीवुड की एक्शन फिल्म में ऐसा होता है. पर अब लगता है समाज में कुछ ऐसा होना शुरू हो गया है. बात समझ से परे है. कैसे एक व्यक्ति ने इतना बड़ाकातिलाना हमला किया होगा. और चुपचाप निकल गया. गाज़ियाबाद - उ.प्र. उत्तर प्रदेश में दम है क्योंकि अपराध यहाँ कम है. फिर बात वहीँ आ जाती है ..छडो जी, सानु की... वडे लोकां दियां वडी गल्लां......
सुना है अमरीका के जंगलों में एक दुर्लभ प्रजाति का शेर खो गया. वहाँ पर पशु प्रेमियों का बहुत जोर है जी... काफी हल्ला मचा – वहाँ भी मोमबत्ती वगैरा जलाई गयी. अकेले लोकल पुलिस के बस की बात नहीं थी, उस दुर्लभ शेर को ढुंढने के लिए प्रशासन ने कई देशों से मदद मांगी. इज़राइल, ब्रिटेन, जर्मन और भारत से विशेष पुलिस के दस्ते गए. ब्रिटेन और जर्मन की पुलिस ने आकर हाथ खड़े कर दिए. भारतीय पुलिस काले रंग का गधा पकड़ कर ले आयी.. और अपनी ही आवाज़ में दहाडें मारता हुआ आया मैं ही शेर हूँ, मैं ही वो दुर्लभ शेर हूँ. डंके बजने लगे जी.. पुरे विश्व में. अपनी देशी पुलिस की जय जय कार होती रही. वो तों भला हो इजरायल पुलिस का जो लगभग १५ दिन बाद पिंजरे में एक शेर को लेकर हाँफते हाँफते आये. फिर एक इंक्वारी बैठी. गधे महाराज बोले कि इन्होने २ दिन तक मेरे को भूखा प्यासा रखा ... मार मार कर मेरा पिछवाड़ा लाल कर दिया और बोले कि दहाडना सीख. तू गधा नहीं शेर है. नहीं तों तेरे परिवार को भी अंदर कर देंगे. तों महाराज मैं शेर बन कर इनके साथ आ गया.
अब कहा जा रहा है कि ‘साध्वी, असीमानंद और कर्नलपुरोहित के खिलाफ सबूत नहीं मिल रहे. अरे भाई जब सबूत नहीं मिल रहे तों उनको रिहा करो. कब तक अमानवीय तरीके से उन्हें जेल में बंद रखोगे. छडो जी, सानु की... वडे लोकां दियां वडी गल्लां....... हमें क्या फर्क पड़ता है.
हाँ इन सभी बातों का हमें कोई फर्क नहीं पड़ता...
नाबालिक से बलात्कार के बाद फेसबुक पर फोटू डाले और लोगों ने लाइक किया. ... यहाँ फर्क पड़ता है जनाब. धीरे धीरे ही सही पर एफबी घरों में सेंध लगा चुका है. छोटे छोटे बच्चे अपना अकाउंट खोल कर चेत्तिंग में मशगुल है. ये बच्चे इतने जिद्दी हैं कि इन्टरनेट कन्नेक्शन कटवा दो तों आपका जीना हराम कर देंगे. इन बच्चों पर बहुत ध्यान देना होंगा. इनको समझ नहीं कि किस की फ्रेंड रिकुएस्ट स्वीकार करनी है और किसकी नहीं. कौन सी फोटू एफ बी पर डालनी है और कौन सी नहीं. इस आभासी दुनिया में किन लोगों से बात कर रहे हैं. इन बातों की कोई समझ नहीं. बहुत ध्यान रखना है देश के इन भावी नागरिकों का. इस बात का फर्क पड़ता है. 
 हम ये नहीं कह सकते वडे लोकां दियां वडी गल्लां....... सानु की. कुछ ख़बरें परेशान करती हैं.

जय राम जी की.

"छडो जी, सानु की... वडे लोकां दियां वडी गल्लां...".=  छोडो जी हमें क्या, बड़े लोगों की बड़ी बातें.