2.12.08

केरल के सीएम की कारस्तानी

शहीद मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के परिवार पर केरल के मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन की अभद्र टिप्पणी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। केरल से लेकर दिल्ली तक मुख्यमंत्री की तीखी आलोचना हो रही है।
खुद उनकी पार्टी माकपा ने अच्युतानंदन की टिप्पणी पर खेद जताया। लेकिन, इस सबसे अडिग अच्युतानंदन ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इनकार किया है। उल्लेखनीय है किs केरल में जन्मे मेजर संदीप मुंबई पर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान शहीद हो गए थे। बेंगलूर में संदीप के अंतिम संस्कार के वक्त राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं भेजने के कारण विपक्षी दलों ने अच्युतानंदन की खिंचाई की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री रविवार शाम को संवेदना व्यक्त करने गए बेंगलूर स्थित मेजर के घर गए। जहां मेजर के नाराज पिता ने उन्हें घर के दरवाजे से लौटा दिया।
उन्होंने कहा, 'अगर वह मेजर संदीप का घर नहीं होता तो वहां कुत्ता भी झांकने नहीं जाता।' मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर मंगलवार को भी केरल में विरोध प्रदर्शन हुए। कांग्रेस और भाजपा से जुड़े संगठनों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री से माफी की मांग की।

अच्युतानंदन आपकी इज्जत आपके विरोधी भी करते है। मगर सत्ता के गुमान में एक सदारण कर्येकर्ता भी बददिमाग हो सकता है यह बात आज पता चली। आपकी छवि एक इमानदार और अच्छे प्रशाशक की थी लेकिन आपने इसके ऊपर पानी फेर दिया। क्या आप is बात की कल्पना ही कर सकते है aapne bete की २० साल के पलने पोसने के बाद आप उसको आर्मी मैं भेज दो और यहाँ से commando के प्रक्षिक्षण के आगे भेज दो। फिर किसी ऑपरेशन मैं वह शहीद हो जाए। कल्पना करके ही आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगे। मेजर के पिता ने तो ठीक ही किया - उनका तो खून था - उनके अरमान थे जो उन्होंने देश के उपर न्योछावर कर दीये। तुमारा खून तो खून नहीं है वह पानी है - उनका खून तो खून था शुद्ध - एक दम - पुश्तों से संस्कारों से सिंचित - इसलिए वो नाराज़ हो रहे थे। - मगर क्या किया जाए की फितरत -कामुनिस्ट की ऐसी ही है। भारत वंशी का होश नहीं गंगा की सोच नहीं मिटटी का लगाव नही वतन पर नाज़ नही बस राज करना चाहते हैं - दोस्तों मेरा ये वादा है की जिस दिन ये लोग आपने तरीके से इस देश पर राज करने लगे तो भारत के ३८० टुकड़े होंगे और इनका मुख्यालय पेचिंग (चाइना) में होगा। .... जय राम जी ..