12.8.11

BOYZ TOYS - ये कैसी मानसिकता है ...



इशारों के अगर समझो तो राज को राज रहने दो...
देर रात तक घर से बाहर रहना
रात खाली सड़कों पर फर्राटेदार महंगी बाईक चलाना...
बात बात पर गुस्सा खा जाना...
अब ये मारक  केलिग्राफी.....

खुदा मेरे देश के युवा वर्ग को सही दिशा दे ... पडोसी की नियत शुरू से सही नहीं है ...

ये केलिग्राफी पार्क (तिहाड गाँव - झील वाले पार्क) में खाली पड़े शेड (दुकानों) के उपर बनी है.... 
कई दिन से देख रहा था...... समझ से परे है.

आज आपसे साँझा की हैं ....

जय राम जी की.
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विद्वानों ने कहा है, शब्दों की कमी को चित्रों द्वारा पूरा किया जा सकता है ................ एक प्रयास किया है ..

मेरी नज़र में ....
http://deepakcomposer.blogspot.com/